हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत नहजुल बलागा से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
قال امیرالمؤمنین علی علیه السلام:
لَا تَجْعَلَنَّ ذَرَبَ لِسَانِکَ عَلَی مَنْ أَنْطَقَکَ، وَبَلَاغَةَ قَوْلِکَ عَلَی مَنْ سَدَّدَکَ
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया:
“जिसने तुम्हें बोलना सिखाया है, उसके खिलाफ अपनी तेज़ ज़बान का इस्तेमाल मत करो और जिसने तुम्हें सही रास्ता दिखाया है, उसके सामने अपनी बोलने की कला और फصाहत का प्रदर्शन मत करो।”
नहजुल बलाग़ा, हिकमत नंबर 411
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